प्रसिद्ध लोक कलाकार फूलां चंदेल का निधन | Himachal Pradesh Current Affairs 2026
Current Affairs: हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध लोक कलाकार फूलां चंदेल (Phulan Chandel) का 63 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बिलासपुर जिले के घुमारवीं की रहने वाली फूलां चंदेल ने घट नृत्य (Ghat Dance) और पूजा नृत्य के माध्यम से हिमाचली लोक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन 27 सितंबर 2026 को हुआ।
फूलां चंदेल का निधन | Phulan Chandel Passes Away
क्यों चर्चा में है? | Why in News?
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं की प्रसिद्ध लोक कलाकार फूलां चंदेल का निधन हो गया है। उन्होंने हिमाचली लोक नृत्य एवं लोक संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए लंबे समय तक कार्य किया। विशेष रूप से उनका घट नृत्य उनकी पहचान बना।
फूलां चंदेल कुछ समय से अस्वस्थ थीं और उनका उपचार पहले AIIMS Bilaspur तथा बाद में PGI Chandigarh में चल रहा था। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने रविवार सुबह लगभग 5:30 बजे अंतिम सांस ली।
फूलां चंदेल: प्रमुख तथ्य | Key Facts
| बिंदु | Point | विवरण | Details |
|---|---|
| नाम | Name | फूलां चंदेल | Phulan Chandel |
| जिला | District | बिलासपुर | Bilaspur |
| स्थान | Place | घुमारवीं | Ghumarwin |
| आयु | Age | 63 वर्ष | 63 Years |
| प्रमुख कला | Major Art Form | घट नृत्य एवं पूजा नृत्य | Ghat Dance and Pooja Dance |
| विशेष योगदान | Major Contribution | हिमाचली लोक नृत्य एवं संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना |
| निधन | Death | 27 सितंबर 2026 | 27 September 2026 |
| उपचार | Treatment | AIIMS Bilaspur एवं PGI Chandigarh |
फूलां चंदेल और घट नृत्य | Phulan Chandel and Ghat Dance
फूलां चंदेल ने घट नृत्य को अपनी विशिष्ट प्रस्तुतियों के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाई। इस नृत्य में सिर पर पानी से भरे कई घड़ों को एक-दूसरे के ऊपर संतुलित करके नृत्य किया जाता है। उनकी प्रस्तुतियों में सिर के साथ-साथ पैरों के नीचे भी पानी से भरे घड़ों का प्रयोग किया जाता था।
उन्होंने हिमाचली लोक कला को केवल मंचीय प्रस्तुति तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उनके योगदान के कारण हिमाचली लोक नृत्य को देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी मंच मिला।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचली लोक संस्कृति का प्रचार
फूलां चंदेल ने भारत के अलावा रूस, चीन, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, लिथुआनिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और दुबई सहित विभिन्न स्थानों पर हिमाचली लोक कला की प्रस्तुतियां दीं। इस प्रकार उन्होंने हिमाचल प्रदेश की लोक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया।
शिक्षा विभाग में भी दी सेवाएं | Service in Education Department
फूलां चंदेल शिक्षा विभाग में कार्यरत रही थीं। बाद में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी रहीं और लोक कला के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए कार्य करती रहीं। उन्होंने अपने विद्यालय में भी अध्यापन कार्य किया और लोक संस्कृति के प्रति विद्यार्थियों में रुचि विकसित करने में योगदान दिया।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य | Exam-Oriented Facts
- फूलां चंदेल किस जिले से संबंधित थीं? — बिलासपुर
- फूलां चंदेल का संबंध किस स्थान से था? — घुमारवीं
- फूलां चंदेल किस लोक नृत्य के लिए प्रसिद्ध थीं? — घट नृत्य
- फूलां चंदेल की प्रमुख पहचान क्या थी? — हिमाचली लोक कलाकार एवं लोक नृत्य की साधिका
- फूलां चंदेल की आयु कितनी थी? — 63 वर्ष
- फूलां चंदेल का निधन कब हुआ? — 27 सितंबर 2026
- फूलां चंदेल ने हिमाचली लोक कला को किन स्तरों तक पहुंचाया? — राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर
One-Liner Current Affairs | एक पंक्ति में करेंट अफेयर्स
Q. हिमाचल प्रदेश के घट नृत्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध लोक कलाकार फूलां चंदेल का संबंध किस जिले से था?
Ans. बिलासपुर | Bilaspur
Q. फूलां चंदेल किस लोक नृत्य के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थीं?
Ans. घट नृत्य | Ghat Dance
Q. फूलां चंदेल का निधन 2026 में कितनी आयु में हुआ?
Ans. 63 वर्ष | 63 Years
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