Three Traditional Products from Himachal Pradesh Awarded GI Tag
हिमाचल प्रदेश के तीन पारंपरिक उत्पादों को मिला GI टैग
हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य के तीन पारंपरिक उत्पादों—हिमाचल रणसिंगा, हिमाचल वुड कार्विंग क्राफ्ट, और हिमाचल हैंडेड गलीचा—को आधिकारिक तौर पर ‘भौगोलिक संकेतक‘ यानी GI टैग (Geographical Indication Tag) प्रदान किया गया है।
GI टैग क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
GI टैग किसी उत्पाद को उसकी भौगोलिक उत्पत्ति और विशिष्ट गुणवत्ता के आधार पर दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्पाद की प्रामाणिकता को बनाए रखना और उसके नाम के दुरुपयोग को रोकना है।
GI टैग से मिलने वाले लाभ:
- नकल पर रोक: उत्पादोंकीनकलऔरउनकेनामकेदुरुपयोगपरकानूनीरोकलगेगी।
- बाजार पहुंच: कारीगरों को बेहतर ब्रांडिंग और राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीयस्तरपरनईबाजारपहचानमिलेगी।
- आजीविका में सुधार: उपभोक्ताओंकाविश्वासबढ़नेसेकारीगरोंकीआयऔररोजगारकेअवसरोंमेंवृद्धिहोगी।
GI टैग प्राप्त उत्पादों का परिचय
- हिमाचल रणसिंगा: यह राज्य का एक पारंपरिक वाद्य यंत्र है, जो धार्मिक, सांस्कृतिकऔरसामाजिकआयोजनोंकाअभिन्नहिस्सारहाहै।
- हिमाचल वुड कार्विंग क्राफ्ट: अपनीबारीकनक्काशीऔरपारंपरिकडिजाइनोंकेलिएमशहूरयहशिल्पराज्यकीकलात्मकक्षमताकाप्रतीकहै।
- हिमाचल हैंडेड गलीचा (हाथ से बने कालीन): यहराज्यकीविशिष्टहस्तकरघाएवंवस्त्रपरंपराकोप्रदर्शितकरताहै।
हमारे बारे में – Himexam.com
Himexam.com हिमाचल प्रदेश व अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक विश्वसनीय पोर्टल है। यहाँ आपको नवीनतम HP Govt Jobs, All India Jobs, HP GK, करेंट अफेयर्स, वन लाइनर प्रश्न, जिलेवार GK और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र की जानकारी एक ही जगह मिलती है। हमारी कोशिश है कि हर अभ्यर्थी को सही और समय पर अध्ययन सामग्री मिले।





